पिथौरा /छत्तीसगढ़ की पंचायत राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। विकास कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले सभी पंचायत सचिव अब सड़कों पर उतरने को भी तैयार हैं। ग्राम पंचायत किशनपुर के उपसरपंच चम्पेश्वर साहू पर हर निर्माण कार्य में 5 प्रतिशत कमीशन मांगने और सचिव को धमकाने का गंभीर आरोप लगा रहे है। एक बार फिर समाचार की सुर्खियों में किशनपुर ग्राम पंचायत, पंचायत सचिव संघ ने मोर्चा खोल दिया और जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और एसडीओ (राजस्व) पिथौरा से तत्काल कार्यवाही की मांग की है।
अब सारी उम्मीदें जिला कलेक्टर और जिला पंचायत महासमुंद पर टिकी हैं। क्या वे उपसरपंच पर लगे आरोपों की जांच करेंगे ?
ग्राम पंचायत किशनपुर सरपंच व ग्रामीणजनों द्वारा सचिव पुनीत सिन्हा को स्थायी सचिव के रूप में नियुक्ति की मांग किया गया। उनकी कार्यकुशलता और अनुभव, ईमानदारी को देखते हुए ग्रामीणों और सरपंच ने भी मांग की थी।
पंचायत सचिव संघ और ग्रामीणों का बढ़ता हुआ आक्रोश ।
सचिव संघ का आंदोलन अगर वास्तव में सड़कों पर उतरा, तो यह न सिर्फ पिथौरा, बल्कि पूरे महासमुंद और प्रदेश की पंचायत राजनीति में खलबली मचा सकता है।
सचिव संगठन का कहना है कि यह सिर्फ पुनीत सिन्हा का मामला नहीं, बल्कि पूरे विकासखण्ड पिथौरा के सचिवों की गरिमा और ईमानदारी पर हमला है।












