October 22, 2026 8:14 pm

पिथौरा में भक्तिभाव से निकली भगवान जगन्नाथ की बहूड़ा रथ यात्रा, दर्शन को उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़

9 दिन मौसी घर में विराजमान रहने के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की हुई मंदिर वापसी, पूरे नगर में गूंजे “जय जगन्नाथ” के जयकारे।
जनसेवा 24 न्यूज | पिथौरा नगर में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की बहूड़ा रथ यात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकला गया। 16 जुलाई को रथ यात्रा मनाया गया था आज भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा 9 दिनों तक मौसी घर में विराजमान रहे। बहूड़ा यात्रा के अवसर पर तीनों देवताओं की भव्य शोभायात्रा जनक मंदिर से उनके मुख्य मंदिर तक निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर रथ की रस्सी खींची और पुण्य लाभ अर्जित किया।


सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। पूरे नगर में “जय जगन्नाथ” के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कर शाम लगभग 4 बजे रथ यात्रा प्रारंभ हुई।
ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और भजन-कीर्तन के बीच रथ नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था की गई।
यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल, महिला आरक्षक एवं यातायात पुलिस तैनात रही। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई, जबकि नगर पंचायत द्वारा मार्गों की साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्था की गई।

पुरानी बस्ती स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचने पर भव्य आरती एवं पूजा-अर्चना के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को पुनः विधिवत विराजमान कराया गया। मंदिर समिति के अनुसार आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियां भी शीघ्र प्रारंभ की जाएंगी।
स्थानीय श्रद्धालुओं ने बताया कि पिथौरा की बहूड़ा रथ यात्रा क्षेत्र की सबसे प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक है और हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद एवं आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

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