पिथौरा : विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर मे भी पुरे राष्ट्र की तरह ठीक 11 बजे -वन्दे मातरम- का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के पूर्व मुख्य अतिथि सांसद प्रतिनिधि मनमीत सिंह छाबड़ा एवं कार्यक्रम अध्यक्ष पालक समिति के नंद कुमार साहू नें वन्दे मातरम गान की विस्तृत व्याख्या की ।
वन्दे मातरम की 150 वी वर्षगांठ के अवसर पर पिथौरा के सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्य विद्यालय मे वन्दे मातरम गायन का ऐतिहासिक आयोजन किया गया, पुरे देश भर मे आयोजित हजारों सरस्वती शिशु मंदिरो के साथ यहाँ भी ठीक 11 बजे सैंकड़ो नगरजनों एवं विद्यालयिन भैया बहनो नें वन्दे मातरम का पूर्ण गान कर अपनी देशभक्ति प्रस्तुत किया गया ।

तेज बारिस भी नहीँ रोक पायी वन्दे मातरम गान
शुक्रवार को सुबह ठीक 11 बजते ही विद्यालय भैया बहनो के साथ भारी तूफानी बारिस के बीच नगर के सैंकड़ो देशभक्त बारिस मे भीगते हुए कोई तीन मिनट से अधिक का वन्दे मातरम गान करते रहे. तेज बारिस होने के बावजूद नगर वासियो का जज्बा देखते बनता था ।
ऐतिहासिक राष्ट्र व्यापी आयोजन के लिए विद्यालय बधाई के पात्र — मनमीत

वन्दे मातरम गान के पूर्व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनमीत सिंह छाबड़ा नें अपने उदबोधन मे बताया की वन्दे मातरम गान की रचना 7नवंबर 1875 को बंकीम चंद चटर्जी द्वारा की गयी थी, इसे भारत के राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला है. हम सब इसे बहुत ही सम्मान से गाते है सरस्वती शिशु मंदिरो मे ही यह गायन हमेशा होता है जिसकी एक झलक आज देखने मिली, इसके अलावा कार्यक्रम के अध्यक्ष नंद कुमार साहू नें वन्दे मातरम की सम्पूर्ण व्याख्या की.
कार्यक्रम मे मुख्यतः स्थानीय नगर पंचायत अध्यक्ष देवसिंह निषाद,भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के जिला प्रभारी वेद प्रकाश गोयल, शहीद भगत सिंह शिक्षण समिति के अध्यक्ष बोधी राम चौधरी, भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रीतराम सूर्ये,कौषाध्यक्ष रजिन्दर सिंह, सचिव सुरेश ठाकुर, पूर्व व्यवस्थापक लखन निषाद, पार्षद पुष्पकांत पटेल, एल्डरमैन नरेश सिंघल, स्काउट गाइड संघ के कमीशनर लक्ष्मीकांत बबलू सोनी. भाजपा मंडल अध्यक्ष आशीष शर्मा , समिति सदस्य बजरंग अग्रवाल, पत्रकार गौरव चंद्राकर, युवराज चौहान,एवं विजय गुप्ता,समिति के वरिष्ठ सदस्य यशवंत छाबड़ा, रौनक सलूजा,, तेजस पंड्या, मनीष पंड्या, रवि ओझा, तुषार पंड्या, विद्यालय की प्राचार्य गायत्री राजपूत, सरजू राम सिन्हा, सीताराम पटेल सहित सैंकड़ो की संख्या मे नगरजन, पालक, एवं विद्यालय के भैया बहन एवं आचार्य दीदी उपस्थित थे. ।












