कार्यकारिणी गठन और उपाध्यक्ष पद को लेकर उठाए सवाल
पिथौरा। व्यापारी एकता मंच पिथौरा के प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह से कुछ समय पूर्व संगठन में उस समय हलचल बढ़ गई, जब नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष दिलप्रीत सिंह खनूजा “प्रीत” ने अपनी नाराजगी सार्वजनिक करते हुए इस्तीफा देने की बात कही।
खनूजा ने अपने संदेश में कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्वाचन के बाद कार्यकारिणी गठन में उन्हें न तो सूचना दी गई और न ही प्रक्रिया में शामिल किया गया।
उनकी सबसे बड़ी आपत्ति उपाध्यक्ष पद को लेकर है। उनका कहना है कि वे व्यापारियों के मतों से उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं, इसके बावजूद उपाध्यक्ष पद पर तीन और अतिरिक्त व्यक्तियों को मनोनीत किया गया। खनूजा ने इसे लेकर अपनी असहमति दर्ज कराते हुए सवाल उठाया कि यदि ऐसा निर्णय पहले से तय था, तो इसकी जानकारी निर्वाचन से पहले व्यापारियों को क्यों नहीं दी गई।
वरिष्ठ संरक्षकों के बदलाव पर भी जताई पीड़ा
खनूजा ने संरक्षक मंडल में किए गए बदलाव को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने नए संरक्षकों को शामिल किए जाने का स्वागत किया, लेकिन कुछ पुराने एवं वरिष्ठ संरक्षकों को हटाए जाने की बात पर पीड़ा व्यक्त की।
उन्होंने वरिष्ठ व्यापारी बजरंग अग्रवाल, हरजिंदर सिंह पप्पू, आत्माराम यादव, यशवंत छाबड़ा, शैलेन्द्र अग्रवाल एवं सुरेश बंसल जैसे नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे वरिष्ठ व्यापारियों के योगदान और सम्मान को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
किसी व्यक्ति का विरोध नहीं, व्यवस्था पर सवाल
दिलप्रीत सिंह खनूजा ने कहा कि उनकी नाराजगी किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उनका उद्देश्य व्यापारी एकता मंच में पारदर्शिता, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सभी निर्वाचित पदाधिकारियों के सम्मान को बनाए रखना है।
शपथ समारोह से ठीक पहले सामने आई इस नाराजगी और इस्तीफे की बात ने व्यापारी एकता मंच के भीतर चर्चाओं को तेज कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या संगठन नेतृत्व और नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष के बीच संवाद से मामले का समाधान निकलता है या इस्तीफे की स्थिति वास्तव में सामने आती है।
जनसेवा 24 न्यूज की टीम दिलप्रीत से संपर्क के साथ












